भारत स्टील अवार्ड्स-2026: इस्पात क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए आवेदन शुरू
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इस्पात मंत्रालय ने भारत स्टील अवार्ड्स-2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए, जो इस्पात क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार और सतत विकास को सम्मानित करेगा।
दिल्ली/ भारत के इस्पात क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, नवाचार और सतत विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने भारत स्टील अवार्ड्स-2026 की शुरुआत की है। यह पुरस्कार योजना कंपनियों, टीमों और व्यक्तियों द्वारा किए गए अनुकरणीय योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के लिए लाई गई है। आवेदन प्रक्रिया 9 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 7 फरवरी 2026 तक इच्छुक पात्र आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
केंद्रीय इस्पात मंत्रालय ने देश के इस्पात उद्योग में गुणवत्ता, नवाचार, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भारत स्टील अवार्ड्स-2026 नामक एक नई और व्यापक पुरस्कार योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य इस्पात क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों, कंपनियों, टीमों और व्यक्तिगत विशेषज्ञों के उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करना है।
इन पुरस्कारों के माध्यम से मंत्रालय न केवल प्रतिस्पर्धात्मक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना चाहता है, बल्कि निर्यात वृद्धि, स्वदेशीकरण, अनुसंधान एवं विकास तथा सतत उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन को भी बढ़ावा देना चाहता है।
ये पुरस्कार निम्नलिखित सात श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे-
दक्षता पुरस्कार (कंपनी)
निर्यात पुरस्कार (कंपनी)
सततता पुरस्कार (कंपनी)
स्वदेशीकरण पुरस्कार (टीम)
अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से नवाचार पुरस्कार (टीम)
सुरक्षा पुरस्कार (कंपनी और टीम)
इस्पात क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए पुरस्कार (व्यक्तिगत)
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित की जा सके। इच्छुक आवेदक इस्पात मंत्रालय के आधिकारिक पुरस्कार पोर्टल awards.steel.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड, नियम एवं शर्तें इसी पोर्टल पर उपलब्ध हैं, जिन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल awards.gov.in के माध्यम से भी देखा जा सकता है।
इस्पात मंत्रालय का मानना है कि भारत स्टील अवार्ड्स-2026 देश के इस्पात उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करने और नवाचार आधारित विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करती है।